27 नवंबर 2014

मैं और वह

______________कविता-श्रृंखला
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हम एक तस्वीर का निगेटिव बनकर आए थे दुनिया में
वह फोटोग्राफर कहां होगा जिसने हमारा पोज़ीटिव निकाला था :
मैंने उसकी स्मृति में लौटते हुए पूछा
फोटोग्राफर को छोड़ो, उस पोज़ीटिव को ढूढ़ो : मेरी विस्मृति को जगाते हुए उसने कहा
तो क्या हम आज भी एक निगेटिव हैं?
शायद: हम दोनों का एक ही जवाब था
तब तो मस्ट है उस फोटोग्राफर को ढूंढ़ना : हमने एक-दूसरे से एक साथ कहा
हमारा एक साथ कहना हमें हैरान कर गया था
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[दिलीप शाक्य ]

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